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महाकाल लोक तक अब सीधी और सिक्स लेन कनेक्टिविटी: हरीफाटक के पास बन रहा नया फोर लेन ब्रिज, हाट बाजार से होगा डायरेक्ट कनेक्शन; Simhastha 2028 को ध्यान में रखकर शुरू हुई तैयारी
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन नगरी में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के लिए एक और बड़ी सौगात जल्द ही सामने आने वाली है। पवित्र महाकाल नगरी अब एक नए फोर लेन ब्रिज के जरिए और अधिक सुगम और व्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। यह नया ब्रिज हरीफाटक ब्रिज के समानांतर बनेगा, जो कि हरीफाटक चौराहे से शुरू होकर बेगमबाग की ओर समाप्त होगा। विशेष बात यह है कि इस ब्रिज में एक अतिरिक्त भुजा (arm) भी जोड़ी जाएगी, जो हाट बाजार की ओर से निकलकर ब्रिज के बीच में मिलेगी, जिससे शहर के ट्रैफिक को नया संतुलन मिलेगा।
इस ब्रिज का मुख्य उद्देश्य महाकाल मंदिर के नीलकंठ द्वार को सीधे इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन हाईवे से जोड़ना है, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालु बिना किसी ट्रैफिक जाम के सीधे महाकाल लोक तक पहुंच सकें। इस परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) एमपीआरडीसी (MP Road Development Corporation) द्वारा तैयार की जा रही है। ब्रिज बनने के बाद मौजूदा हरीफाटक ब्रिज को वन-वे कर दिया जाएगा, जबकि नया ब्रिज फोर लेन होकर दोनों ओर का लोड साझा करेगा।
इस योजना की जानकारी देते हुए उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया ने बताया कि “सिंहस्थ 2028 से पहले यह ब्रिज तैयार हो जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि 1992 में बना मौजूदा हरीफाटक ब्रिज अब ट्रैफिक की दृष्टि से अपर्याप्त हो चुका है, और इसलिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सैद्धांतिक स्वीकृति के बाद सर्वे और प्लानिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है।
वहीं, उज्जैन के कमिश्नर संजय गुप्ता ने बताया कि “मौजूदा टू लेन ब्रिज को यथावत रखते हुए महाकाल लोक की ओर नया फोर लेन ब्रिज बनाया जाएगा।” इससे श्रद्धालुओं को भारी राहत मिलेगी, और विशेषकर त्योहारों, महाशिवरात्रि, सावन और सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों में लगने वाला जाम पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सकेगा।
धार्मिक दृष्टिकोण से भी यह प्रोजेक्ट अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि महाकाल मंदिर सिर्फ उज्जैन या मध्य प्रदेश का नहीं, बल्कि पूरे देश और विश्व का आस्था का केंद्र है। लाखों भक्तों की सुविधा के लिए तैयार किया जा रहा यह नया ब्रिज, उज्जैन की आधुनिकता और परंपरा का संगम बनकर उभरेगा।